आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 में टीम इंडिया का अब तक का सफर शानदार रहा है. भारत एकमात्र ऐसी टीम है जो इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय है. इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी से ज्यादा गेंदबाजी से प्रभावित किया है. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मौजूदा वर्ल्ड कप में केवल दो मैच खेले हैं और दोनों ही मुकाबलों में उनका प्रदर्शन दमदार रहा है.

पिछले साल घरेलू हिंसा का आरोप लगा था

शमी ने कहा कि वह टूर्नामेंट में अपने बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय खुद को देंगे. शमी पर पिछले साल घरेलू हिंसा का आरोप लगा था, जिसके कारण उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट से भी बाहर कर दिया गया था और उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे.

वर्ल्ड कप में 2 मैच में 8 विकेट चटकाए

दो मैचों में शमी ने महज 3.46 की इकॉनमी रेट के साथ कुल 8 विकेट चटकाए हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ 125 रनों से जीत दर्ज करने के बाद शमी ने कहा ‘श्रेय ? मेरे आलावा किसको दूंगा. मैं इसका पूरा श्रेय खुद को दूंगा.’ शमी ने कहा ‘बहुत कुछ झेला है. पिछले 18 महीनों में जो भी हुआ, वह मेरे साथ हुआ है और सबकुछ मुझे ही झेलना पड़ा, इसलिए मैं सारा श्रेय खुद को दूंगा.’

शमी ने कहा-खुदा ने मुझे लड़ने की ताकत दी

उन्होंने कहा कि पुराना मामला खत्म हो चुका है और उनका पूरा ध्यान देश के लिए अच्छा खेलने पर केंद्रित है. शमी ने कहा ‘हां, मैं समझता हूं खुदा ने मुझे सबसे लड़ने की ताकत दी, पारिवारिक मामलों से लेकर फिटनेस तक. अब मेरा पूरा ध्यान देश के लिए दमदार प्रदर्शन करने पर केंद्रित है.’ शमी ने बताया कि उन्होंने पिछले कुछ समय में अपनी फिटनेस पर जमकर मेहनत की है.

उन्होंने कहा ‘मैं एकमात्र खिलाड़ी नहीं था जो यो-यो टेस्ट में फेल हुआ. कभी-कभी आपकी लय खराब हो जाती है. मैं फेल हुआ वे अलग चीज है, लेकिन फिर मैंने कड़ी मेहनत की और अपनी फिटनेस बेहतर की. मैं अभी अच्छे जोन में हूं, मैंने अपना वजन कम किया है और हर चीज मेरे पक्ष में काम कर रही है.’