केरल में में बाढ़ की तबाही के कारण 7,24,649 लोग राहत शिविरों में हैं. इस प्राकृतिक आपदा में में 370 लोग मारे गए हैं. इस बीच बाढ़ की त्रासदी में भारतीय सेना संकटमोचक बनकर सामने आई है. लोग अलग-अलग तरह से सेना को शुक्रिया कह रहे हैं.

केरल में रविवार को बारिश थमने से आखिरकार लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली, मगर इससे पहले बाढ़ से मची त्रासदी ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और सैकड़ों की जानें ले लीं. प्रदेश में बाढ़ की तबाही के कारण 7,24,649 लोग राहत शिविरों में हैं. बाढ़ पीड़ितों के लिए 5,645 राहत शिविर बनाए गए हैं. इस प्राकृतिक आपदा में में 370 लोग मारे गए हैं. इस बीच बाढ़ की त्रासदी में भारतीय सेना संकटमोचक बनकर सामने आई है. लोग अलग-अलग तरह से सेना को शुक्रिया कह रहे हैं. देखिए तस्वीरें.

 कोच्चि के इस घर से 17 अगस्त को नेवी पायलट विजय वर्मा ने दो महिलाओं को बचाया था. स्थानीय लोगों ने इस घर की छत पर 'थैंक्स' लिखकर नेवी का शुक्रिया अदा किया है.

 आपको बता दें कि सेना ने केरल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. हेलिकॉप्टर के जरिये पीड़ितों और बाढ़ में फंसे लोगों को खाने के पैकेट और जरूरी सामान दिए जा रहे हैं. केरल में बाढ़ पीड़ितों को बचाने के लिए सेना ने ऑपरेशन मदद चलाया हुआ है.

 इंडियन कोस्ट गार्ड की टीम भी केरल में मदद कार्य में जुटी है. ताजा जानकारी के मुताबिक, केरल के कोच्चि से कमर्शियल फ्लाइट्स ऑपरेशन शुरू हो चुका है. यहां के नेवल बेस पर आज सुबह एयर इंडिया की पहली फ्लाइट उतरी.

 कोस्ट गार्ड की टीम भी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राज्य के दूर दराज के इलाकों में तेजी से काम कर रही है.

 इंडियन कोस्ट गार्ड की टीम ने कई इलाकों में फंसे हुए परिवारों को बचाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है.

 अलग-अलग राहत दल के जवानों ने भी केरल के बाढ़ पीड़ितों को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

 मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमारी सबसे बड़ी चिंता लोगों की जान बचाने की थी. लगता है कि इस दिशा में काम हुआ.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'शायद यह अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी है, जिससे भारी तबाही मची है. इसलिए हम सभी प्रकार की मदद स्वीकार करेंगे.' उन्होंने बताया कि 1924 के बाद प्रदेश में बाढ़ की ऐसी त्रासदी नहीं आई.